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pyar me jhooth
यार मेरी समझ मे नही आता, कि लोग प्यार मोहब्बत मे क्या क्या बाते कर जाते है? अब कल क़ी ही बात है , मेरा पुराना दोस्त मिल गया. बोला गुरु एक मस्त लड़की पटाई है, सोचता हू क़ी शादी कर लू. मैने बोला यार इतनी भी जल्दी क्या है,
वो बोला , यार रोज नये नये कश्मे उसके साथ खा रहा हू , अब तुम्ही बताओ ,मै बोलने को तो बोल देता हू कि तुम्हे चाँद तारे लाकर दूंगा, मै तुम्हारे लिए ये करूंगा, तुम्हारे लिए वो करूंगा,... वगैरह वगैरह... लेकिन यार सच बताउ , मै तो दस ग्राम सोना भी खरीदने लायक नही हू,.... अरे आज के मॅहगाई मे दो वक्त मै उसे रोटी भाजी खिला दू, वही मेरे लिए बड़ी बात है... कही वो सच्चाई जान गयी तो दूसरे से शादी नही कर लेगी? मै बोला यार बात तो तू सही कह रहा है....
लेकिन गुरु तू उसे सच्चाई बता ही दे , मै उससे बोला...
तो वो बोला यार तू मेरा दोस्त है या दुश्मन .मेरी शादी बिगाड़ने को तुला है... मै बोला यार अभी जो तू रोज रोज झूठ मूठ का चंद तारा तोड़ेगा.... यही झूठ रोज रोज शादी के बाद तेरा घर और प्यार दोनो तोड़ेगा... बेटा अगर वो तेरे से प्यार करती होगी... तो तुझसे महल अटारी क़ी माँग नही करेगी... और तू एक बात समझ ले... प्यार और दोस्ती मे झूठ को जिसने जगह दी... समझो वो उसकी तो जिंदगी गयी ..
फिर तू ये मत गाना .. कि मोहब्बत कि झूठी कहानी पे रोए....
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