rediff ILAND
Welcome Guest, | Create your own iLand| Sign In  | New User? Get Started
BLOGS
iLand
Blogs
Friends/Contributors
Guestbook  
 
baba sharad
Categories
Poetry
Politics
Writing
Philosophy
My Top Posts
hi re kavita...
tum bin hamane...
tumhari yaad me...
sharahade........
matt itaraa e pa...
JAI LAXMI MATA...
kankrito ke jang...
kya bharat ki ya...
What is an RSS feed?
RSS Feed 
sharadbaba.rediffiland.com/  
Monday 24 November, 2008
 17:05 | 6/Aug/2008 |  1 Comment(s)
  Add baba sharad as Friend     Write to baba sharad     Forward this link
tumhari chahat me...

 अब क्या लिखु भाई जान.....

आज मेरी कलम मे इतना दर्द भरा है, कि कलम भी आशु क़ी धारा मे बह चली है... उसकी नीली स्याही भी आशु जैसी पतली और मेरी हालत जैसी नकली हो गयी है. पूछो   ना  ...अरे भाई मेरे साथ ऐसा क्या हुवा? अब क्या बताउ मेरी पड़ोस मे जो लड़की रहती है ना... वही अरे क्या नाम बताया था मै आपको.... हा याद आया कविता... अरे जिसके गम मे मैने एक कभी नौजवान कविता लिखी थी... वही चली गयी... अरे भाई पुछो ना ... कहा चली गयी...
अब क्या कहू भाई जान बहुत दर्द है ... पुछो ही मत कि कहा चली गयी.... सारा मुहल्ला मातम माना रहा है उसके गम मे..... अरे भाई जिसके लिए कभी पूरा मुहल्ला अपनी खिड़कियो से टकटकी लगाए हर वक्त उसके गुजरने का, राहो मे चलने का इंतजार किया करता था... वही आज चली गयी... पूछो मत कहा चली गयी... लो अच्छा प्यार से पुछते हो तो बता ही देता हू... अरे भाई
वो अपने हॉस्टेल चली गयी पढ़ाई करने भाई.....वो भी पाँच साल के लिए.... अब गली के लड़के किसको देखकर नौजवान होगे.....
आज से ही देख रहा हू, गली के सारे निकम्मे भी किताब कापियो मे उलझ गये है.. गली के यह तक कि बुढ्ढे भी घरो से निकलना बंद कर दिए है......

ओ के दोस्त मै भी दो चार दिन अब घर मे ही बंद रहूँगा...
चलता हू...


Category: Writing | Permalink